SELF RESPECT QUOTES IN HINDI

खुद को महान बनाने के लिए स्वतंत्र मत सोचो, स्वातंत्र्य को सोचिए। – महात्मा गांधी

मैंने खुद को रिस्पेक्ट की खोज में नहीं, खुद को खोजा है। – स्वामी विवेकानंद

अगर आप खुशहाल और सम्मानित रहना चाहते हैं, तो दूसरों के खिलाफ अपने मूल्यों की सुरक्षा करें। – अपराह्ना शर्मा

शहर के गधे कंठ की सवारी करते हैं, लेकिन खुद को गधे नहीं समझते। – नारायण सिंह

शक्तिशाली वे होते हैं जो शक्ति करते हैं, न कि जो शक्ति में होते हैं। – स्वामी विवेकानंद

शख़्सियत के अनुसार थोड़े लोग जीने के योग्य होते हैं, जो ज़िंदगी के हर पहलू की प्रशंसा करते हैं। – जवाहरलाल नेहरू

अपने पूरे प्रदर्शन में खुद की आत्मा का सम्मान करना बहुत जरूरी है। – महात्मा गांधी

खुद को बीस्वाद जीतकर कभी भी अपना साम्राज्य नहीं खोएंगे। – स्वामी विवेकानंद

जब तक आप खुद को मूर्ख स्वीकार करते हैं, तब तक आप समझदार नहीं हो सकते। – नारायण सिंह

आप ज्ञान के सा कर शक्तिशाली हो सकते हैं, लेकिन बिना ज्ञान के आप कोई महान व्यक्ति नहीं बन सकते। – जवाहरलाल नेहरू

खुद को मान्यता और सम्मान की मजबूती से युक्त रखिए। – महात्मा गांधी

तारीफ के लिए दूसरों की आवश्यकता नहीं है, आपकी स्वार्थता आवश्यक है। – स्वामी विवेकानंद

सम्मान खुद को महसूस करने वालों को प्राप्त होने चाहिए, लोगों के मौखिक धन्यवाद से नहीं। – अपराह्ना शर्मा

खुद का अवमान करना किसी अन्य व्यक्ति से भी बड़ा अपवाद है। – नारायण सिंह

शक्ति की प्राप्ति के लिए निरंतर योग्यता अर्जित करो, और सम्मान प्राप्त करो। – स्वामी विवेकानंद

जब तक आपने खुद को महानता नहीं प्राप्त की, तब तक आप छोटे होंगे। – जवाहरलाल नेहरू

आपकी खुदर्न्दगी की कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी, जो आपको खुद की प्रतिष्ठा नहीं देंगे। – महात्मा गांधी

मनुष्य की रक्षा उसकी आत्मामा से होती है, न कि दूसरों से। – स्वामी विवेकानंद

जानकार अपनी प्रतिष्ठा का संरक्षण करते हैं, जबकि मूर्ख अपनी प्रतिष्ठा को खो देते हैं। – अपराह्ना शर्मा

जो खुद को सम्मानित नहीं कर सकता है, वह दूसरों की प्रतिष्ठा नहीं कर सकता। – नारायण सिंह

शक्तिशाली व्यक्ति खुद तृप्त होते हैं, वह दूसरों की संतुष्टि के लिए नहीं रहते। – स्वामी विवेकानंद

खुद के साथ इतना मुकाबला करें कि व्यक्ति थक जाए, आपकी प्रतिष्ठा बरकरार रहे। – अपराह्ना शर्मा

व्यक्ति जो खुद को बेइमान समझता है, वह दूसरों को बेइमान भी समझता है। – नारायण सिंह

आत्म-सम्मान आपकी सत्ता बनाता है, दूसरों की राय आपकी प्रतिष्ठा नहीं। – स्वामी विवेकानंद

आप जैसा अपने बारे में सोचते हैं, वही आप हैं। – जवाहरलाल नेहरू

अपने अंदर के उन्नति के लिए, खुद को नष्ट न करें। – महात्मा गांधी

जितना आप खुद को जानते हैं, उससे अधिक समय खुद को समझानें में बिताएं। – स्वामी विवेकानंद

व्यक्ति जो खुद को नकारता है, उसकी प्रतिष्ठा सभी को हानि पहुंचाती है। – अपराह्ना शर्मा

अपने खुद के अपमान की अनुमति मत दें, यह अपमान आपकी बहादुरी में कमी कर देगा। – नारायण सिंह

आपका स्वार्थ आपके खुद की कीमत से ज़्यादा महत्वपूर्ण है। – जवाहरलाल नेहरू